गाजीपुर। चैत्र नवरात्र में शुक्रवार को मातारानी के चौथे कूष्मांडा स्वरूप का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। भक्तों ने उनके चरणों में शीश झुकाकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। मां के जयकारों से मंदिर परिसर दिन भर गूंजते रहे। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए भक्त सुबह से ही पहुंचने लग रहे हैं। शहर के मिश्रबाजार, महुआबाग, नवापुरा, झंडातर, स्टेशन रोड, नवाबगंज, तुलसी का पुल, सकलेनाबाद, गोराबाजार, कालीधाम, रौजा, हमीद सेतु के साथ ही अन्य स्थानों पर मंदिरों में दिन भर शक्ति की उपासना की जा रही है। श्रद्धालुओं ने नारियल, फूल माला, चुनरी, प्रसाद आदि माता को अर्पित कर शीश झुकाकर परिवार की खुशहाली की कामना की। घरों में दुर्गा चालीसा एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है।
गहमर संवाददाता के अनुसार मां कामाख्या के दरबार में श्रद्धालुओं ने देर शाम तक दर्शन-पूजन कर माता का आशीर्वाद लिया। गहमर नरवा घाट से गंगा पूजन के बाद लोगों ने मंडन संस्कार भी करवाया। मंदिर के महंत आकाश राज तिवारी ने बताया कि चौथे दिन करीब 25 हजार भक्तों ने देवी मां का दर्शन-पूजन किया। मेला क्षेत्र में लगे झूले, चरखी आदि मनोरंजक खेलों का बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक अशोक मिश्र हमराहियों के साथ पूरे मेला क्षेत्र में चक्रमण करते रहे।
करीमुद्दीनपुर / दुबिहा। मां कष्टहरणी देवी मंदिर पर भारी संख्या में श्रद्धालु देर शाम तक मां की आराधना करते रहे। शीश नवाकर देवी मां से आशीष लिया। माता के जयकारों एवं देवी गीतों से आसपास का माहौल देवीमय बना रहा। मुहम्मदाबादः जमालपुर स्थित महाकाली एवं तहसील स्थित मनोकामना देवी के मंदिर में भक्तों ने श्रद्धाभाव से देवी मां का पूजन किया। उनसे परिजनों के मंगल की कामना की। इसी तरह सैदपुर स्थित मां काली, बहादुरगंज स्थित मां चंडी, रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर स्टेशन स्थित सायर माता, देवकली स्थित चकेरी धाम, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी सहित अन्य मंदिरों पर सुबह से लेकर देर शाम तक पूजन-अर्चन का क्रम चलता रहा। धूप-दीप की सुगंध और घंट एवं जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहे। विभिन्न जगहों पर आयोजित मेला में बच्चों एवं महिलाओं ने खरीदारी की।