दिलदारनगर मेंऊ महिला के साथ दुर्व्यवहार के बाद पूछताछ करती पुलिस।संवाद
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दिलदारनगर। थाना रोड स्थित जेके मेमोरियल अस्पताल में रविवार को अस्पताल कर्मियों द्वारा गर्भवती को मारने पीटने के बाद मरा हुआ बच्चा पैदा होने का मामला प्रकाश में आया है। सोमवार को पीड़ित परिवार के साथ ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की। तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल संचालिका सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। नगसर थाना क्षेत्र के गोहदा विशनपुर निवासी अजय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह रविवार को सुबह 10.30 बजे ट्रेन द्वारा पंजाब से रेलवे स्टेशन पर उतरे तो पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी। तत्काल उसे जेके मेमोरियल अस्पताल ले गए। पहले संचालिका ने 33 हजार रुपये जमा कराए। लेकिन समुचित इलाज नहीं किया। फिर 40 हजार रुपये मांगे गए। आरोप लगाया कि रुपये नहीं देने पर संचालिका ने कर्मचारियों को बुलाकर गाली गलौज करते हुए मार-पीटकर अस्पताल से बाहर करवा दिया। इसके बाद पत्नी को लेकर वह रात नौ बजे एंबुलेंस से ढढनी सरकारी अस्पताल पहुंचे जहां पत्नी को मृत बच्चा पैदा हुआ। घटना से आक्रोशित ग्रामीण पीड़ित परिजन के साथ सुबह 10 बजे थाने पहुंचे और घेराव करके कार्रवाई की मांग करने लगे। पति अजय की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी। अस्पताल संचालिका डा. नीतू वर्मा ने बताया कि अस्पताल में बच्चा पैदा नहीं हुआ और न ही कोई रुपये की मांग की गई। लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। थाना निरीक्षक अशेषनाथ सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर संचालिका सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।