-दो सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा जल स्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गंगा नदी जिस गति से बढ़ रही थी उसी तेजी से अब जल स्तर में घटाव देखा जा रहा है। लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को नदी का जल स्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर कम हो रहा है। इससे नदी के तटवर्ती इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि पहले लगे कई निचले इलाके में पानी से लोगों को अभी भी परेशानियां उठानी पड़ रही है। लेकिन, वे इस से राहत में हैं कि नदी का जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे जल्द ही लोगों को राहत मिलेगी।
गंगा नदी का जलस्तर 61.670 मीटर तक पहुंच गया था। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो गई थी। लोग पिछले वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर सहमे हुए थे। हालांकि एक दिन पहले से ही लगातार नदी के बढ़ते जल स्तर में घटाव दर्ज किया जा रहा है। साथ ही प्रशासन भी नदी के जल स्तर पर नजर रखे हुए है और दिन में दो बार शासन को इससे अवगत करा रहा है। मौजूदा समय में शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 61.030 मीटर पहुंच गया। हालांकि अभी भी कई इलाकों में परेशानियां बनीं हुई हैं।
करंडा: पिछले कुछ दिनों से तेजी से बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के कारण किसानों में बाढ़ आने और उससे फसलों के नष्ट होने का भय हो गया था। अधिकांश लोग अपने परिजनों सहित पशुओं के खाने की व्यवस्था को लेकर चिंतित थे। लेकिन अब जलस्तर घटने लगा तो लोगों ने राहत की सांस ली है। वे फिर से अपनी फसलों की देखभाल करने लगे हैं।
करंडा के 24 से अधिक गांवों के हजारों किसान लगभग ढाई हजार बीघे में सब्जियों की खेती कर अपने परिवार की परवरिश करते हैं। बाढ़ से फसल नष्ट होने के कारण उन परिवारों रोजी रोटी के साथ बेटियों की शादियां तक टल जाती हैं। गंगा किनारे बसे किसान बारिश के मौसम में दिन रात ईश्वर से प्रार्थना करते रहते हैं कि बाढ़ न आये और उनकी फसल बच जाए। रेवतीपुर: नसीरपुर व हसनपुरा को जाने वाले मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ने से आवागमन अभी भी बंद हो गया। हालांकि पानी कम हो रहा है, जिससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं।