गाजीपुर। पशु पालन विभाग में गड़बड़झाला प्रकाश में आया है। निर्माणाधीन परसनी राजकीय पशु चिकित्सालय के हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जबकि निर्माण की दूसरी किस्त 11 लाख रुपये शासन से जारी ही नहीं हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में 2.80 करोड़ से चार पशु चिकित्सालयों के निर्माण की मंजूरी शासन से मिली थी। इनमें मरदह, परसनी, मुहम्मदाबाद व मिर्जापुर शामिल था। तय किया गया कि प्रत्येक राजकीय पशु चिकित्सालय का निर्माण 70-70 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। 70 लाख की धनराशि शासन स्तर से दो किस्तों में जारी होनी थी। एक राजकीय पशु चिकित्सालय के निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 59 लाख रुपये जारी होना था। इस तरह अप्रैल में चार राजकीय पशु चिकित्सालयों के निर्माण के लिए पहली किस्त 2.36 करोड़ रुपये जारी किया गया था। जारी की गई धनराशि से मरदह, परसनी, मुहम्मदाबाद व मिर्जापुर में राजकीय पशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य शुरू हुआ। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था के रूप में उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंपी गई। चारों राजकीय पशु चिकित्सालयों का निर्माण छह महीने में पूरा करना था लेकिन, शासन की ओर से अब तक दूसरी किस्त जारी नहीं की गई है। इससे चारों जगहों पर राजकीय पशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक 80 प्रतिशत ही निर्माण काम पूरा हो पाया है। वहीं सैदपुर ब्लॉक क्षेत्र के परसनी में निर्माणाधीन राजकीय पशु चिकित्सालय को विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है।