प्रापर्टी डीलर आदित्य सिंह उर्फ धनजी का शव शहर के रौजा ओवरब्रिज के नीचे एक खाली पड़ी भूमि से बरामद होने के बाद पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। देर शाम पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। साथ मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। पुलिस की एक टीम गठित करके घटना से संबंधित छानबीन करने के साथ वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। इधर पुत्र का शव देखकर पिता जय सिंह और परिवार के अन्य सदस्य दहाड़े मारकर रोने बिलखने लगे। रौजा ओवरब्रिज और प्लाट के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलिंग के दौरान पैसे के लेन-देन में हत्यारोपी रामनरेश राय और रवि राय ने आदित्य की हत्या कर दी। साथ ही किसी को घटना की जानकारी न होने पाए शव को जमीन में दफनाया दिया था। हत्यारोपी बचने के लिए वारदात को अंजाम देने के बाद मृतक की मोबाइल का लोकेशन कभी नेपाल के बॉर्डर तो कभी लखनऊ दिखाने का प्रयास कर रहे थे, जिससे परिजनों को कोई शक न हो। यहीं नहीं घटना को छुपाने के लिए लगातार मृतक के बड़े भाई विशाल सिंह बादल के व्हाट्सएप पर मैसेज भी कर रहे थे, जिससे परिवार के लोगों कोई शंका न हो सके। इधर मैसेज से दिग्भ्रमित परिजन आस लगाए बैठे थे कि कुछ दिन बाद आदित्य सिंह उर्फ धनजी घर आएगा। परिजनों ने कहा कि पैसे की लेनदेन को लेकर हत्यारोपी रवि राय पिता रामनरेश राय के साथ मिलकर आदित्य को मौत के घाट उतार दिया। यहीं नहीं हत्यारोपी मृतक की मां से लगातार बात भी कर रहा था। हालांकि पुलिस परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर भी छानबीन जुट गई हैं। इस संबंध में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन जारी है। इस घटना जो भी लोग शामिल हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।