कासिमाबाद। लंबे समय से फरार चल रहे नगर पंचायत बहादुरगंज के अध्यक्ष रेयाज अंसारी बुधवार की सुबह घर आने के बाद सीधे नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए। यही नहीं, उन्होंने खुद को कोर्ट से राहत मिलने की बात बताते हुए साथियों को मिठाई खिलाना शुरू कर दिया, इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची और उन्हें थाने लेकर गई। जहां पूर्व में दर्ज मुकदमे को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने नगर पंचायत बहादुरगंज के अध्यक्ष रेयाज अंसारी को अपनी पत्नी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष निकहत परवीन को फर्जी डिग्री लगाकर मदरसा में नौकरी दिलाने के मामले में आरोपी है। रेयाज अंसारी के खिलाफ दूसरे की जमीन हड़पने के साथ कुल पांच मुकदमे दर्ज है। साथ ही पुलिस ने अपने रिकॉर्ड में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया। इसी बीच वह बुधवार को अपने घर पहुंचे, फिर नगर पंचायत कार्यालय आ गए और उच्च न्यायालय स्थगन आदेश की बात बताए। अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठकर अपने समर्थकों के बीच मिठाई खिला रहे थे की पुलिस को इसकी सूचना मिली। इसपर पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई, जिसकी खबर लगते ही एक बार फिर समर्थकों में हड़कंप मच गया। पुलिस का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज अंसारी अपनी पत्नी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिसके कारण जिला प्रशासन फरारी के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर प्रशासक नियुक्त कर दिया है। इस समय नगर पंचायत के अध्यक्ष का प्रभार एसडीएम कासिमाबाद के पास है। ऐसी दशा में रेयाज अंसारी को जिलाधिकारी से आदेश लेकर ही नगर पंचायत कार्यालय आना चाहिए था। दूसरी तरफ रेयाज अंसारी ने पूछताछ किए जाने के लिए पकड़े जाने को अवैध बताया। कहा कि सभी मामलों में उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त किया है। दो मामले समाप्त हो चुके हैं। हमारे ऊपर कोई प्रकरण लंबित नहीं है। इधर, सपा के जहूराबाद विस क्षेत्र के अध्यक्ष जय हिंद यादव भी अपने समर्थकों के साथ कोतवाली में जमे हुए थे। इस संबंध में एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी का कहना है कि उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।