गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अरविंद मिश्र की अदालत ने मंगलवार को हत्या के मामले में भरत सोनकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की पूरी राशि मृतक के परिवार को देने का आदेश अदालत ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के बद्धपुर गांव निवासी अमित कुमार ने तहरीर दिया कि 20 जून 2006 की रात को उसका भाई रवि अपने घर के सामने सोया था। किसी ने उसके गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। चीख पुकार सुनकर वह मौके पर गया। उसे देखते ही हमलावर भाग गए। गांव वालों की मदद से भाई रवि को वाराणसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। ईलाज के 11 दिन बाद उसकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर कोतवाली सैदपुर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना के बाद भरत सोनकर और दो किशोर के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण दोनों किशोरों की पत्रावाली किशोर न्यायालय भेजी गई और आरोपी भरत सोनकर के विरुद्ध विचारण शुरू हुआ। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने कुल दस गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना-अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने भरत सोनकर को उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।