गहमर कोतवाली के मगरखाई गांव के पास बक्सर के दयालपुर धनसोई निवासी घनश्याम शर्मा का शव दशहरे के अगली सुबह मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मां रीता देवी पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह शुक्रवार को अपने बेटे के वियोग में बेसुध हो गईं। पति की मौत के बाद और बेटी की शादी के बाद इकलौता बेटा ही उनका सहारा था। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के दूसरे दिन भी गहमर कोतवाली में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। वहीं मां ने बेटे के साथ के ही दोनों लड़कों पर हत्या कर शव को ट्रैक के किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से ही दोनों युवक फरार है।
घनश्याम के मामा सेवराई क्षेत्र के लहना गांव निवासी अनिल शर्मा का कहना है कि यदि मामला दर्ज नहीं होता है तो एसपी से मिलकर गुहार लगाएंगे।
उन्होंने बताया कि उनका भांजा घनश्याम शर्मा (20) बक्सर में दशहरे का मेला देखने के लिए दयालपुर धनसोई के दो युवकों के साथ मोटरसाइकिल से निकला था। रात में करीब आठ बजे उसने अपनी मां को फोन कर बताया कि रात में नहीं आएगा। जरू वह साथ के लड़कों के बहकावे में कर्मनाशा पार कर यूपी आया होगा। यहां बारा के नजदीक मगरखाई गांव की डाउन ट्रैक के पास उसका क्षत-विक्षत शव मिलना दुर्घटना के बजाय हत्या को ही इशारा करता है।
पुलिस की मोबाइल लोकेशन जांच के आधार पर घटना रात एक बजे के बाद की है। मामा ने आशंका जताई है कि वह मुंबई में दोनों फरार लड़कों के साथ काम करता था। कुछ महीने पहले ही गांव आया था। भांजे और उनके बीच पैसे का भी लेन-देन का मामला था। कई बार वह उनसे पैसे मांगता भी था, लेकिन वो टाल देते थे।
वहीं, परिजनों की घटना की जानकारी तब हुई जब बृहस्पतिवार की सुबह में बनारस में रहने वाले जीजा घनश्याम ने मोबाइल पर फोन किया। फोन गहमर कोतवाली में पुलिस ने उठाया और घटना के बारे में जानकारी दी। इस बाबत गहमर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पवन उपाध्याय ने बताया कि युवक का क्षत विक्षत शव रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में मिला है। पुलिस हत्या और हादसा दोनों एंगल से जांच कर रही है। युवक के शरीर पर कई चोट के निशान पाए गए हैं पुलिस मामले की जांच कर रही है।