गांव के दो पक्षों में तनाव की स्थिति, एसडीएम ने अंत्येष्टि स्थल का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
कासिमाबाद। स्थानीय तहसील के मरदह विकासखंड की ग्राम पंचायत घरिहां के सिहोरा मौजे में अंत्येष्टि स्थल बनाए जाने के विवाद को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम राजेश प्रसाद ने शनिवार को समाधान दिवस में मिले प्रार्थना पत्र का निस्तारण करते हुए विवादित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ अपना अपना पक्ष रखा। अंत्येष्टि स्थल को लेकर गांव के दो पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
मरदह विकासखंड की घरिहां ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम सिहोरा में ग्राम पंचायत द्वारा अंत्येष्टि स्थल के साथ अपशिष्ट स्थल बनाने का निर्देश दिया गया है। यह अंत्येष्टि स्थल भैसहीं नदी के किनारे बनना है। ग्राम प्रधान अंत्येष्टि स्थल निर्धारित स्थान पर बनवाना चाहते हैं। वहीं सिहोरा ग्राम पंचायत के लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि निर्धारित स्थान पर नदी किनारे छठ पूजा के साथ सभी धार्मिक कार्यक्रम किए जाते हैं। सिहोरा के ग्रामीण नदी के किसी दूसरे किनारे पर बनवाने की बात पर अड़े हुए हैं।
वहीं ग्राम प्रधान अपना तर्क रखते हुए निर्धारित स्थान पर ही अंत्येष्टि स्थल बनवाना चाहते हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि घरिहां सर्वानंद सिंह थाना समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर अंत्येष्टि स्थल बनाने में हो रही रूकावटों को दूर करने का अनुरोध किया। इसी तरह की शिकायत तीन दिन पहले सिहोरा ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए एसडीएम से हस्तक्षेप करने की मांग किया था।
समाधान दिवस के प्रार्थना पत्र को निस्तारण करते हुए एसडीएम सिहोरा ग्राम पहुंचे। वहां पर अंत्येष्टि स्थल के प्रस्तावित स्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रधान पक्ष और विरोध करने वाले सिहोरा गांव के लोगों से बात किया । मामला हल होता न देख उपजिलाधिकारी ने लेखपाल से भूमि की पैमाइश कर रिपोर्ट देने को कहा ।
अब लेखपाल की रिपोर्ट पर मामला अटक गया है। अंत्येष्टि स्थल निर्माण को लेकर सिहोरा गांव में प्रधान पक्ष और विरोध पक्ष में तनाव की स्थिति है। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ निर्माण और विरोध में अड़ा हुआ है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि लेखपाल के रिपोर्ट के बाद अंत्येष्टि स्थल की जगह चिन्हित कर दी जाएगी। साथ ही जहां पर पूजा पाठ होता है उस स्थान का भी ध्यान रखा जाएगा।