गाजीपुर। मानदेय और ईपीएफ का बकाया होने के कारण मीटर रीडर दस दिनों से कार्य बहिष्कार पर हैं। मीटर रीडर को समझाने के लिए शनिवार को बिजली निगम के मुख्य अभियंता मुकेश गर्ग जिले में पहुंचे। उनके साथ मीटर रीडिंग कंपनी एक्सप्रो के मैनेजर भी मौजूद रहे। मीटर रीडर और मुख्य अभियंता के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।
मुख्य अभियंता सबसे पहले सैदपुर विद्युत वितरण खंड तृतीय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्य बहिष्कार कर रहे मीटर रीडर से काम पर लौटने को लेकर बातचीत की। मीटर रीडर का कहना है कि पूर्व में जिस कंपनी स्टर्लिंग से अनुबंध हुआ था, उसका बकाया मानदेय और ईपीएफ का पहले भुगतान सुनिश्चित किया जाए। स्टर्लिंग कंपनी की ओर से चार माह के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके बाद वह नगर के लालदरवाजा स्थित सर्किल आफिस पहुंचे। यहां पर भी उन्होंने मीटर रीडर से बातचीत की। मुख्य अभियंता ने कहा कि आप लोग काम पर लौट आ जाइए, नहीं तो दूसरे कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इससे मीटर रीडर और नाराज हो गए। घंटों तक चली वार्ता बेनतीजा रही। वार्ता में मीटर रीडर शशि कुमार ने कहा कि अपना बकाया पैसा मांगना कहां का गुनाह है। विद्युत मजदूर पंचायत के जिला संरक्षक शिवदर्शन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई में बकाया पैसा मांगने पर निकालने की धमकी दिए जाने की घोर निंदा करता हूं और विभागीय प्रबंधन को बताना चाहता हूं कि अगर किसी कर्मी को निकाला गया तो यह लड़ाई सड़क से लेकर हाईकोर्ट तक लड़ी जाएगी। इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी।