गाजीपुर। जिले के 62 केंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें 3583 मरीजों ने उपचार कराया। हालांकि लोगों का धीरे-धीरे इस योजना से मोहभंग होता जा रहा है। वजह जांच की सुविधा न मिलना और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी। यहीं नहीं अधिकांश जगहों पर तो चिकित्सकों के पद खाली होने की स्थिति में फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। साथ ही शाम चार बजे तक चलने वाला यह मेला दोपहर दो बजे ही खत्म हो जा रहा है और स्वास्थ्यकर्मी घर चले जा रहे हैं।
सुबह दस बजे से नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजदेपुर में संचालित जन आरोग्य मेले में दोपहर 12.15 बजे मरीजों की संख्या मुश्किल से इक्का- दुक्का ही थी। हालांकि यहां आ रहे मरीजों को डॉक्टर नि:शुल्क परामर्श देने के साथ दवा उपलब्ध कराते रहे।
बारा : भदौरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारा में 38 मरीज इलाज करवाने पहुंचे। होम्योपैथ चिकित्सक डाक्टर अजीत सत्यदेव सिंह ने मरीजों का उपचार किया। एलोपैथ के चिकित्सक नहीं होने से कई मरीज वापस घर चले गए। देवल पीएचसी पर 44 मरीजों ने उपचार कराया। दिलदारनगर पीएचसी पर चिकित्सक की तैनाती नहीं होने पर 29 मरीजों का फार्मासिस्ट ने इलाज किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गहमर दो बजे के बाद बंद हो गया। जबकि शाम के चार बजे तक मेले के आयोजन का निर्देश है। इस संबंध में एसीएमओ व नोडल अधिकारी डा. मनोज कुमार ने बताया कि जिन जगहों पर निर्धारित समय से पूर्व केंद्र बंद किए जा रहे हैं, जांच कराकर कार्रवाई होगी। जिले के 62 केंद्रों पर 3583 मरीजों ने उपचार कराया है।