शहर के लंका मैदान स्थित सभागार में सोमवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. विश्वनाथ शर्मा की 61वीं पुण्यतिथि और जेल जाने का शताब्दी वर्ष का आयोजन किया गया। इस मौके पर गूगल मीट से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार
रामबहादुर राय ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक कहा। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में जनपद के योगदान की चर्चा करते हुए उस समय के जनपदीय आंदोलन को पं. विश्वनाथ शर्मा केंद्रित बताया।
वरिष्ठ गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि पंडित विश्वनाथ शर्मा पारस पत्थर की तरह थे। उनकी राजनैतिक सूचिता और पवित्र के बारे में उल्लेख किया। मुख्य अतिथि प्रो. हरिकेश सिंह ने शर्मा जी को क्रान्ति की कान्ति कहा। उन्होंने दु:ख प्रकट किया और कहा कि क्या ऐसे महापुरुषों से संबंधित आयोजन उनके परिवार के लोग ही करते रहे। शासक, प्रशासन कब तक सोता रहेगा। ऐसे आयोजन उसका दायित्व है। ऐसे महापुरुषों से संबंधित आयोजन को और व्यापकता देने की आवश्यकता है। अध्यक्षता करते हुए धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि पं. विश्वनाथ शर्मा अद्वितीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है जो अपनी तीन-तीन पीढ़ियों के साथ जेल यात्रा किए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आगे और भव्यता के साथ आयोजित किया जाता रहे। मैं यही चाहता हूं।
जनपद के युवा साहित्यकार माधव कृष्ण ने पं. विश्वनाथ शर्मा को एक सच्चे गांधीवादी के साथ एक जननायक के रूप में रेखांकित किया। वहीं रविकांत राय नें शर्मा जी की राजनैतिक दूरदर्शिता एवं ईमानदारी की प्रशंसा की।
श्रीकान्त पांडेय ने उनकी स्मृति को प्रणाम करते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में पं. विश्वनाथ शर्मा के त्याग एवं बलिदान को याद किया। सच्चिदानंद राय चाचा ने शर्मा जी के चिंतन से सबक लेने की बात कही। ऐसे ही विजयशंकर राय ने शर्मा जी के जीवन का एकमात्र लक्ष्य भारत की स्वतंत्रता बताया और भारत विभाजन की विभीषिका पर प्रकाश डाला। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता रामपूजन सिंह ने शर्मा जी निष्ठा की प्रशंसा की।
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने शर्मा जी एवं उनके परिवार के संघर्ष को नमन किया। कल्चरर फोरम के अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि आज के समय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित सेनानियों से जुड़े कार्यक्रमों की सार्थकता पर जोर दिया। पूर्व प्राचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार मांधाता राय ने शर्मा जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनकी कीर्ति को अमर बताया। वहीं विद्यासागर ने उनके परिवार को धन्यवाद दिया और कहा कि वह परिवार और गांव के लोग धन्य है जिसमें स्वतंत्रता के लिए त्याग और बलिदान करने वाला व्यक्ति जन्म लिया। रामावतार यादव ने शर्मा जी के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में अनंत देव पांडेय, मारकंडेय सिंह, यशवन्त एवं रश्मी शाक्य ने अपनी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव विभोर किया । कार्यक्रम में प्रभाकर पांडेय, सतीश राय , बीरबहादुर सिंह, ओकार सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन व्यास मुनी राय एवं धन्यवाद ज्ञापन विश्व विमोहन शर्मा ने किया।