कासिमाबाद। कोतवाली क्षेत्र सुकहा गांव स्थित एक तालाब की भूमि पर हुए अतिक्रमण को उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने खाली कराने के साथ खोदाई शुरू करा दी। इस दौरान एडीएम एवं दो एसडीएम मौजूद रहे। साथ ही सुरक्षा दृष्टि कोण से पांच थानों की पुलिस एवं पीएसी तैनात रही। मालूम हो कि उच्च न्यायालय में सुकहा गांव निवासी विनोद कुमार द्वारा गुंडा एक्ट की करवाई को निरस्त करने के लिए याचिका दायर की थी। उन्होंने अवगत कराया कि ग्राम पंचायत में आराजी नंबर 176 में तालाब स्थित है। इसकी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा मिट्टी पाटकर अवैध तरीके से कई देवी - देवताओं के छोटे-छोटे मंदिर के साथ दुकान बना ली है। तालाब की भूमि खाली नहीं होने पर न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए नौ सितंबर से पहले खाली कराने का आदेश दिया। इस क्रम में तालाब की भूमि को खाली कराने का काम शुरू करा दिया गया। तालाब की खुदाई के लिए पोकलेन मशीन, दो जेसीबी के साथ आधा दर्जन हाईवा ट्रक लगाए गए थे। इस दौरान कासिमाबाद- रसड़ा मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहा। इस दौरान एडीएम राजेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम कासिमाबाद भारत भार्गव, एसडीएम सेवराई रमेश मौर्य, एसडीएम मुहम्मदाबाद, क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद आनंद मोहन शाही के साथ कासिमाबाद, मरदह, नोनहरा, बिरनो, बरेसर की पुलिस टीम एवं पीएसी तैनात थी।