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Ghazipur News: मुसीबत बने जर्जर तार-पोल, आए दिन टूटकर गिर रहे तार

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दुबिहा। बिजली निगम की लचर व्यवस्था के कारण ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के जर्जर तार से अक्सर दुर्घटना होती रहती हैं। इन जर्जर तारों और बिजली के पोलों को बदलने काम शुरू नहीं हो सका है। सरकार ने इन जर्जर तारों और खंभों का बदलने की लिए आरडीएसएस योजना शुरू की थी लेकिन दुबिहा विद्युत सब स्टेशन क्षेत्र में इस योजना के तहत आज तक काम ही नहीं शुरू कर सका। ऐसे में सड़क और खेतों के ऊपर बिजली के लटकती 11 हजार और 440 हाईटेंशन के जर्जर तार के मकड़जाल से लोग हमेशा परेशान रहते हैं। तार अक्सर शार्ट-सर्किट से टूटकर गिरते रहते हैं। इन तारों के टूटकर गिरने से गांवों के सिवान में पशुओं के साथ ही किसानों के साथ दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। इसके बावजूद विभाग सतर्क नहीं है। क्षेत्र के दुबिहा, हरदासपुर, नेवादा, असावर, कमसड़ी, गोविंदपुर, लालीकाडेरा, गडार, कुसहा, पाहूपुर, बिंदवलियां, खड़हरा, सरेंजा, भठवा, दलपतपुर आदि गांवों के लिए विद्युत आपूर्ति के पोल और तार पांच से छह दशक पुराने हैं, जो हमेशा किसानों को परेशान करते हैं। इससे किसानों की फसल विद्युत शाॅर्ट-सर्किट से जलकर नष्ट हो जाती है। शिकायत के बावजूद भी विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मियों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिर्फ मॉर्निंग रेड और जांच के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है लेकिन जर्जर तारों को दुरुस्त करने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। प्रभारी अधीक्षण अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि अभी भी जिन क्षेत्रों में जर्जर तार है, उनको जल्द बदल दिया जाएगा।
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