गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बृहस्पतिवार को 38 तारीखों में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के प्रयास के मामले में अभियुक्त शैलेश कुमार को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया हैअभियोजन के अनुसार थाना सैदपुर एक गांव निवासी ने थाना सैदपुर में 12 मार्च 2023 को तहरीर दिया कि उसकी नाबालिक पोती अपने चचेरी दादी के घर रहकर पढाई करती थी। 5 मार्च 2023 को सुबह ही अपने कोचिंग के लिए निकली थी। जब वापस नहीं आई तो पूरा खोजबीन शुरू हुई। रात 8 बजे नगवा चौकी वाराणसी से पुलिस ने फोन से सूचना दी कि उनकी पोती को पुल के नीचे गंगा में डूबते हुए मल्लाहों ने बचाया। पुलिस ने ट्रामा सेंटर वाराणसी में भर्ती कराया है।
सूचना पर वादी वाराणसी ट्रामा सेंटर गया और उसे डिस्चार्ज कराकर घर लाया। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर 7 दिन बाद घटना के संबंध में उसने बताया। बताया कि घर में काम करने वाले मजदूर सिकंदर उसका दोस्त जय कुमार बहलाफुसला कर उसे घुमाने के लिए कोचिंग से ही वाराणसी लेकर चले गए। रास्ते में चौबेपुर में सिकंदर के तीन दोस्त दिव्यांशु, साहिल व शैलेष के हवाले करके वापस आ गए। बाद में तीनों ने हाईवे के किनारे गेंहू के खेत मे लेजाकर दुष्कर्म किया। फिर वाराणसी में स्थित विश्वसुंदरी पुल के नीचे फेंक दिया।
वादी की सूचना पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना के दौरान शैलेश को छोड़ सभी आरोपियों को नाबालिग पाते हुए उसका आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया। वहीं, आरोपी शैलेष के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र 20 अप्रैल 2023 पेश किया। आरोपी के विरुद्ध न्यायालय ने 11 मई 2023 को आरोप तय हुआ और गवाही 17 मई 2023 से शुरू हुई। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने कुल 10 गवाहों को पेश किया। कार्यवाही अभियोजन की तरफ से कुल 38 तारीखों में पूरी की गई। अभियोजन पक्ष और बचाओ पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को जेल भेज दिया।