अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी/एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के उसरी चट्टी हत्याकांड में सोमवार को गवाह रमेश राम की गवाही दर्ज की गई। इस दौरान आरोपी त्रिभुवन सिंह मिर्जापुर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश हुए। जिरह के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि 15 जुलाई 2001 को पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। करीब 12.30 बजे दिन में उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग की थी। जिसमें मुख्तार के सरकारी गनर रामचंद्र उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि रुस्तम उर्फ बाबू घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी। इस दौरान हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी। मुख्तार के साथ चलने वाली पुलिस टीम भी जख्मी हुई थी।
इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद करते हुए 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना उपरांत पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया, जिसमें से दो आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो गई। इस मामले में गवाह रमेश राम ने गवाही देने के बाद अपनी सुरक्षा के बाबत प्रार्थना पत्र दिया, जिसे न्यायालय ने मंजूर करते हुए कोतवाली प्रभारी मुहम्मदाबाद को उसको समुचित सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।