गाजीपुर। एमपी/ एमएलए कोर्ट अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में 23 साल पुराने मनोज राय हत्याकांड में बृहस्पतिवार को समय अभाव के कारण गवाही नहीं हो सकी। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 28 नवंबर की तिथि नियत की है। मालूम हो कि 15 जुलाई 2001 को उसरीचट्टी हत्याकांड हुआ था। इसी दिन मनोज राय की भी हत्या हुई थी। मुख्तार अंसारी ने मनोज राय को भी हमलावरों में शामिल बताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन मनोज राय के पिता ने अपने पुत्र की हत्या बताते हुए जुलाई 2023 में मुख्तार अंसारी और उसके साथियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस की चार्जशीट में मनोज राय के पिता ने मुख्तार अंसारी के साथ सरफराज मुन्नी, अफरोज उर्फ चुन्नू , जफर उर्फ चंदा के साथ दस लोगों को नामजद किया था। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है जबकि दो अभियुक्त पहले से ही सरकारी अभिलेखों में भगोड़े घोषित किए जा चुके हैं। ऐसे में मनोज राय हत्याकांड में चार आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद पत्रावली सत्र न्यायालय में भेजी गई थी। मुख्तार अंसारी की मृत्यु हो चुकी है। अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। पत्रावली में कोई कार्यवाही नहीं हुई। न्यायालय ने गवाही के लिए उपरोक्त तिथि तय की है।