पीएमश्री योजना के तहत विद्यालयों का चयन हुए दो माह बीत गया, लेकिन अभी तक इन विद्यालयों के कायाकल्प के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। टेंडर 31 मार्च तक पूरा कर लेना था, जिससे काम शुरू हो सके। जनवरी माह में रेवतीपुर ब्लाक से 25 विद्यालयों की सूची शासन को महकमें ने भेजी थी, लेकिन इनमें से कम्पोजिट विद्यालय ताड़ीघाट एवं नगसर ही सरकार के निर्धारित 60 मानकों में से अधिकतम मानक पूरा कर सके। इसके बाद इनका चयन फरवरी माह में किया गया। विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुसार, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों की दशा और दिशा सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने करीब पांच माह पूर्व पीएमश्री योजना की शुरूआत की थी। योजना के तहत दो करोड़ की धनराशि से प्रत्येक विद्यालय को उच्चीकृत करने की योजना है। बीईओ अशोक कुमार गौतम ने बताया कि पठन-पाठन का इंतजाम करने, अच्छा माहौल देने, बच्चों के ठहराव के लिए यह पहल काफी कारगर साबित होगी। चयन के लिए जो मानक निर्धारित किए गए थे। उसमें सौर पैनल और एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती के साथ पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन,प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और संचयन, पर्यावरण की सुरक्षा आदि कुल साठ मानक केंद्र सरकार की ओर से तय किया है। इस योजना के तहत विद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई होगी। बताया कि चयनित विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। शिक्षकों के लिए भी काफी अहम होगा। इनमें स्मार्ट कक्षा, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी।