नारेबाजी करते तहसील पहुंचे अधिवक्ता
आपदा राहत राशि में घोटाले की जांच करने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अशोकचंद्र की ओर से गठित की गई टीम ने गुरुवार को मुहम्मदाबाद तहसील पहंुचकर जांच की। इससे तहसील कर्मियों में हड़कंप मचा रहा। राहत राशि में बड़े पैमाने पर गबन करने के आरोप में चार लेखपाल और तीन बैंककर्मियों के खिलाफ तहसीलदार ने केस दर्ज कराया है। गबन को लेकर अधिवक्ता आंदोलनरत हैं।
जिलाधिकारी की ओर से गठित की गई जांच टीम में शामिल मुख्य राजस्व अधिकारी विद्याशंकर सिंह, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी एके सिंह और मुख्य कोषाधिकारी ने गुरुवार को मुहम्मदाबाद तहसील में पहुंच कर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को शासन से मिलने वाली राहत राशि वितरण की जांच की।
मुहम्मदाबाद तहसील में आपदा राहत राशि वितरण के लिए 17 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन उस धनराशि को कुछ किसानों में वितरित करने के बाद अधिकांश धनराशि तहसील के अधिकारियों, कर्मचारियों ने 50 हजार रुपये तक की धनराशि के बेयरर चेक बनाकर गबन कर लिया।
काफी होहल्ला मचने के बाद गुपचुप तरीके से पांच फरवरी को एक लेखपाल से चेकबुक गुम होने की एफआईआर कोतवाली में दर्ज कराई गई। इसके दो दिन बाद तहसीलदार उमेशचन्द्र निगम ने चार लेखपाल एवं तीन बैंक कर्मियों सहित सात लोगो के विरुद्ध गबन की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इधर, सीआरओ विद्याशंकर सिंह ने इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक को बुलाकर भुगतान के सम्बन्ध में जानकारी हासिल की।
जॉच टीम ने इस सम्बन्ध में सभी पत्रावलियों को जांचा परखा। जांच टीम ने जिन किसानों को धनराशि दी गई है, उनकी सूची तैयार करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम त्रिभुवन विश्वकर्मा, तहसीलदार उमेशचन्द्र निगम एवं तहसील के अधिनस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।