दर्ज मुकदमे के मुताबिक, किशोरी को छह मार्च को होश आया था, फिर परिजन उसे लेकर घर चले गए। किशोरी सदमे में थी। लिहाजा, परिजन कानूनी कार्रवाई नहीं कर सके। 12 मार्च को किशोरी ने पूरी घटना की जानकारी दी, फिर परिजनों ने सैदपुर कोतवाली की पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया।
पूछताछ में सामूहिक दुष्कर्म के पीछे की जो कहानी सामने आई, वो हैरान करने वाली है। एक आरोपी किशोर ने स्वीकार किया कि उसने किशोरी से दोस्ती की, फिर वाराणसी घुमाने के बहाने उसे साथ ले गए। इस बीच नया फोन खरीदने के लिए 20 हजार रुपये की लालच में उसे अपने अन्य दोस्तों को सौंप दिया। किशोरी को बाइक पर बैठाकर किशोर चौबेपुर ले गए, वहां कुछ और दोस्त मिले।
दरअसल, सैदपुर क्षेत्र के एक गांव में निर्माणाधीन मकान में काम कर चल रहा था। एक मजदूर के बीमार हाेने पर तीन मार्च को उसका किशोर बेटा काम पर गया था। किशोर ने मकान मालकिन की किशोरी पोती को बहला-फुसला कर ले गया था। किशोरी कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी। कोतवाली प्रभारी सैदपुर शिव प्रताप वर्मा ने कहा कि पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। चार आरोपी किशोर हैं, जबकि एक आरोपी बालिग है। घटना में प्रयुक्त तीनों बाइकें बरामद कर ली गई हैं।