-गंगा नदी का बढ़ रहा है जलस्तर, प्रशासन तैयारियों का किया अभ्यास
-जिले के पांच तहसीलों में हुआ मॉक ड्रिल, कलेक्ट्रेट से हुआ संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर । गंगा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बाढ़ की संभावनाओं को लेकर प्रशासन अब और मुस्तैद है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य के 41 जनपदों को बाढ़ संभावित जिला घोषित किया है। इसमें गाजीपुर भी शामिल है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को जिले के पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलें सदर, सैदपुर, जमानिया, मुहम्मदाबाद, सेवराई के नदी तटवर्ती इलाकों में मॉकड्रिल किया। इसका संचालन कलेक्ट्रेट से किया गया।
मॉक ड्रिल का आयोजन 9 बजे से हुआ। इसके पहले 8ः58 बजे शासन से अगले तीन घंटे में बाढ़ आने की खबर दी गई। इसके अगले मिनट ईओसी द्वारा इन्सीडेन्ट कमाण्डर को जानकारी दी गई। इन्सीडेंट कमाण्डर द्वारा टीमों की त्वरित गति से क्रियाशील किया गया। फिर सुबह 9 बजे अलर्ट करते हुए टीमों को जलस्तर बढ़ने की सूचना दी गई। सुबह 9.30 बजे सभी टीमें प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गई और राहत बचाव शुरू कर दिया गया।
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नजदीकी उच्च स्थान में पहुंचकर शुरू किया गया राहत-बचाव
शहर में जेटी कलेक्टरघाट, सैदपुर में जसवंत राय इंटर कॉलेज, गौसपुर घाट मुहम्मदाबाद, देवा बैरनपुर जमानिया और नरायन उर्फ नरबाध घाट गहमर में मेगा मॉक ड्रिल किया गया। सभी इलाकों के नजदीकी उच्च स्थान में पहुंचकर बचाव कार्य प्रारम्भ किया गया। सुबह 9ः30 बजे से सुबह 10ः30 बजे तक पीएससी स्थानीय पुलिस, गोताखोर, आपदा विशेषज्ञ, आपदा मित्र, स्थानीय अनुभवी व्यक्तियों की सहायता से तत्काल ध्वनि विस्तारक यंत्र से उस इलाके में लोगों को बाढ़ आने की जानकारी दी।
सुबह 10ः30 से 11.30 बजे तक स्वास्थ्य विभाग के तैनात चिकित्साधिकारी फार्मासिस्ट, एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा गर्भवती महिलाओं, बच्चों मेडिकल चेकअप के बाद राहत शिविरों में एबुलेंस और अन्य वाहन से भेजे गए।
12 बजे पता चला बालू के टीले पर फंसे हो सकते हैं लोग
मॉक ड्रिल में सुबह 11ः30 से दोपहर 12 बजे तक सुरक्षित निकाले गए व्यक्तियों ने बताया गया कि कुछ लोग सामने वाले बालू के टीले पर फंसे हो सकते हैं। तत्काल इन्सीडेन्ट कमाण्डर जिलाधिकारी के निर्देश पर ड्रोन से बचाव कार्य प्रारम्भ कर किया गया। इस दौरान ऊंचे स्थान पर जान बचाने का प्रयास करते हुए 2 व्यक्ति और दिखे। तत्काल नाव से पीड़ितों को बचाया गया। ।
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एबुलेंस से अस्पताल भेजे गए कुछ मरीज
मॉक ड्रिल में 12.30 से अपरान्ह 1 बजे के बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार के उपरान्त कुछ मरीजों की हालात गंभीर होने के कारण तत्काल उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त उनको राहत शिविरों में पहुंचाया गया। कार्यक्रम का संचालन अशोक राय आपदा विशेषज्ञ ने किया।