गाजीपुर। नगर का प्रमुख पांच इलाकों में पिछले वर्ष डेंगू के सबसे अधिक पीड़ित मिले थे। मरीजों का आंकड़ा 243 पहुंच गया था। इन क्षेत्रों को लेकर जहां मलेरिया विभाग ने अलर्ट होने का दावा किया है। वहीं घर- घर पहुंच रही टीम लार्वा की जांच करने में जुटी हुई है। सबसे बड़ी राहत की बात है कि अब तक बुखार से पीड़ित 228 मरीजों की स्क्रीनिंग में डेंगू का आंकड़ा शून्य है। हालांकि नगर व ग्रामीण क्षेत्र में कई ऐसे इलाके हैं, जहां साफ-सफाई न होने की स्थिति में डेंगू मच्छरों की संभावना बढ़ती दिखाई पड़ रही है।
बरसात का मौसम शुरू होने और सर्दियों का मौसम शुरू होने तक मच्छरों से संबंधित बीमारियों के प्रकोप का खतरा बना रहता है। करीब पांच माह तक स्थिति बनी रहती है। ऐसे में डेंगू ही नहीं मलेरिया संबंधित बीमारी से बचाव काफी जरूरी है। बीते वर्ष 2023 के आंकड़ों को देखा जाए तो नगर के प्रमुख इलाकों में शामिल सकलेनाबाद, मालगोदाम, कलेक्ट्रेट, लंका, पुलिस लाइन सहित छह मोहल्ले में डेंगू के सबसे अधिक मरीज मिले थे। स्थिति यह थी कि एक घर में तीन से चार लोग डेंगू पीड़ित पाए गए थे। ऐसे में इन इलाकों को हाट स्पॉट बना गया था। यहीं नहीं मेडिकल कालेज अस्पताल में मरीजों का आंकड़ा बढ़ जाने से पुराने ओपीडी कक्ष को वार्ड में तब्दील कर मरीजों को भर्ती करना पड़ा था। ऐसे में घर- घर पहुंचकर जांच करने के लिए 11 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम बनाई गई है, जो एकत्र हो रहे पानी की जांच करने के साथ लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक कर रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में करीब साढ़े तीन हजार आशा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाला है।
पिछले वर्ष जिन इलाकों में डेंगू के मरीज मिले थे, उन इलाकों में टीम घर- घर पहुंचकर लार्वा जांच करने के साथ लोगों को साफ-सफाई को लेकर जागरूक कर रही है। यहीं नहीं सीएचसी से लेकर मेडिकल कालेज अस्पताल तक बेड सुरक्षित हैं। मलेरिया विभाग की टीम अलर्ट मोड पर है।- डाॅ. देश दीपक पाल, सीएमओ गाजीपुर।
मच्छरदानी से लैस 88 बेड क्रियाशील
डेंगू मरीजों को भर्ती कर उपचार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी करने का दावा किया है। 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कहीं पांच तो कहीं आठ से नौ बेड मच्छरदानी के साथ क्रियाशील कर लिए गए हैं। वहीं मेडिकल कालेज अस्पताल के दस बेड के एक वार्ड को सुरक्षित व्यवस्था सुचारू कर ली गई हैं। मरीजों के बढ़ने के साथ यहां और बेड सुरक्षित करने की तैयारियां कर ली गईं हैं।
थानों और स्कूलों को भेजा गया पत्र
मलेरिया विभाग की ओर से पुलिस के आलाधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है, जिससे थानों में जो जर्जर वाहन खड़े हैं, वहां साफ-सफाई कराने के साथ टायरों एवं जर्जर वाहनों में पानी एकत्र न होने दें। इसके अलावा विद्यालयों में साफ-सफाई के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, जिससे डेंगू के लार्वा पैदा न हो सके।
तीन फागिंग मशीन व 16 छिड़काव मशीन उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तीन फागिंग मशीन व 16 छिड़काव संबंधित मशीन उपलब्ध है। दवा छिड़काव के प्रत्येक एक मशीन को ब्लाॅकों के सरकारी अस्पतालों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। यहीं नहीं तीन फागिंग मशीन से बीते वर्ष जो इलाके हाट स्पॉट बने थे, वहां छिड़काव जारी है।