कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रक देने पहुंचे उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्य। संवाद
गाजीपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षक मंगलवार को जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में कचहरी स्थित शिक्षक भवन से मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें एक सितंबर को शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य के निर्णय पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि विगत कई वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे अनुभवी शिक्षकों पर अचानक टीईटी की अनिवार्यता थोपना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि यह शिक्षा की निरंतरता को भी बाधित करेगा। जिलामंत्री इसरार अहमद सिद्दीकी ने कहा कि इससे 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित होंगे। इन्होंने वैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत नियुक्ति प्राप्त की थी, उनकी सेवा अब असुरक्षित हो गई है। यह स्थिति शिक्षकों के मनोबल को तोड़ेगी और शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि यह निर्णय केवल भविष्यलक्षी रूप से लागू हो, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा व गरिमा की रक्षा की जाए और आवश्यक नीतिगत या विधायी उपाय कर लाखों शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित बनाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में आनंद प्रकाश यादव, पवन गुप्ता, महातिम यादव, प्रेम प्रकाश यादव, रमाकांत यादव, विजेंद्र, वीरेंद्र यादव, कमलेश यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।