गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र मेडिकल काॅलेज रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और रजदेपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेगा। यह दोनों केंद्र शासन की ओर से काॅलेज से संबद्ध कर दिए गए हैं। इन केंद्रों के तहत आने वाले गांवों में पहुंचकर एमबीबीएस के छात्र और छात्राएं ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देंगे। साथ ही प्रत्येक छात्र घरों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार मुहैया कराने का काम करेंगे। यहीं नहीं एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष का इंटर्नशिप भी रेवतीपुर सीएचसी पर करेंगे। इनके रहने के लिए काॅलेज की ओर से छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा।
शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए मेडिकल काॅलेज प्रशासन की ओर से लगातार चिकित्सकीय सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। एक तरफ जहां अत्याधुनिक चिकित्सकीय जांच मशीनों को स्थापित कराया जा रहा है। वहीं गंभीर से गंभीर बीमारियों की सर्जरी भी आसानी से की जा रही है। अब छात्रों को ग्रामीण प्रवेश में रहने वाले लोगों को कैसे चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करनी है और उन्हें कैसे स्वस्थ रखा जाएगा, इसको लेकर भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए शहर के रजदेपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को शासन की ओर से चयनित कर मेडिकल काॅलेज से संबद्ध किया गया है। यहीं नहीं एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष के इंटर्नशिप के लिए रेवतीपुर सीएचसी को केंद्र बनाया गया है। जहां इंटर्नशिप करने वाले छात्र-छात्राओं के रहने के लिए छात्रावास का भी निर्माण कराया जाएगा। छात्रावास निर्माण को लेकर जल्द ही कवायद काॅलेज प्रशासन की ओर से शुरू किया जाएगा।
24 घंटे रहेगा उपलब्ध एंबुलेंस
गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल काॅलेज से संबद्ध रजदेपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां के मरीजों को दोनों केंद्रों पर उपचार करने के बाद जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया जा सकेगा। इसके लिए काॅलेज प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
एमबीबीएस के छात्रों के अध्ययन और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रजदेपुर शहरी पीएचसी और रेवतीपुर सीएचसी को संबंद्ध किया गया है। साथ ही पांच-पांच गांव भी कॉलेज के अधीन होंगे, जहां छात्र गांव के लोगों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार संबंधित कार्य करेंगे। दोनों केंद्रों के लिए एक-एक नोडल की तैनाती कर दी गई है। - प्राफेसर डाॅ. आनंद मिश्रा, प्राचार्य, महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल काॅलेज