गाजीपुर। प्रदेश सरकार पहला राज्य शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण करा रही है। जिले के 1160 माध्यमिक एवं परिषदीय स्कूलों में सर्वे कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की काबिलियत परखने के साथ-साथ पढ़ाई की हकीकत का भी पता चलेगा। इस काम की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा में 972 शिक्षक संकुल और 350 डीएलएड प्रशिक्षुओं को सौंपी गई है। डीएलएड प्रशिक्षुओं को डायट परिसर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जबकि संकुल शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर बीईओ को भी प्रशिक्षण दिया गया है जो बीआरसी पर अध्यापकों को प्रशिक्षण देंगे। सर्वे तीन नवंबर को कराया जाएगा। इसके अंतर्गत चिह्नित स्कूलों में कक्षा तीन, छह और नौ के छात्र-छात्राओं से सवाल पूछे जाएंगे।
पूरे प्रदेश में तीन नवंबर को एक साथ सर्वे होगा। इस स्टेट एजुकेशनल एचीवमेंट सर्वे (एसईएएस-2023) के अंतर्गत कक्षा तीन, छह और नौ के विद्यार्थियों का भाषा एवं गणित विषयों में आंकलन किया जाएगा। जिले स्तर पर जिला स्तरीय समन्वयक, डायट प्राचार्य और डीआईओएस को नामित किया गया है। डायट प्राचार्य के साथ डायट के दो प्रवक्ता सर्वे का क्रियान्वयन करेंगे तो डीआईओएस के साथ डीसी और जीजीआईसी की प्रधानाचार्य को अनुश्रवण एवं अन्य दायित्वों के निर्वहन की जिम्मेदारी मिली है।
सर्वे के लिए ब्लाॅक लेवल को-आर्डिनेटर (बीएलसी) के रूप में बीइओ और दो एआरपी रहेंगे। विद्यालय स्तर पर फील्ड इंवेस्टीगेटर (एफआई) के रूप में संकुल शिक्षक और डीएलएड प्रशिक्षुओं को नामित किए गया है। स्पष्ट आदेश है कि जिस दिन सर्वे कराया जाएगा उस दिन विद्यालयों में बच्चों की शत-प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। इस सर्वे के लिए टेस्ट बुकलेट और ओएमआर शीट दी जाएगी।
बेसिक और माध्यमिक के 1160 स्कूलों को चिह्नित किया गया है। चिह्नित स्कूलों में परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के साथ ही सीबीएसई के भी कुछ विद्यालय शामिल हैं। सर्वे को लेकर बेसिक, माध्यमिक एवं डायट ने तैयारियां तेज कर दी है।
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तीन नवंबर को 1160 स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों का सर्वे कराया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां की जा रही है। सर्वे के लिए डायट के प्रशिक्षु एवं शिक्षक संकुल लगाए जाएंगे। यह पहला शैक्षणिक उपलब्धि सर्वेक्षण होगा।- उदयभान, प्राचार्य डायट