प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन का फरमान जारी कर दिया गया है। इसका क्रियान्वयन तत्काल शुरू होने वाला है। काफी दिनों से एक ही विद्यालय पर रहने वाले सरप्लस शिक्षकों को अब हटना ही पड़ेगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार के विशेष सचिव शंभूनाथ का आदेश सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्राप्त हो चुका है। उधर समायोजन की हवा लगते ही सरप्लस शिक्षकों के कान खड़े हो गए हैं। ऐसे शिक्षकों की भागदौड़ शुरू हो गई है। वह जुगाड़ लगाने और अपनी गोटी फिट करने में जुट गए हैं।
विशेष सचिव की ओर से जारी आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि एक ही विद्यालय पर काफी दिनों से सरप्लस शिक्षक के तौर पर जमे हुए हैं जबकि उनके विषय के वहां कई शिक्षक मौजूद हैं और छात्रों की संख्या भी कम है। अधिकांश विद्यालयों में यह स्थिति है। जिले में भी यह स्थिति बरकरार है। स्थिति तो यह है कि कई विद्यालयों पर कई विषयों के छात्र नगण्य हैं लेकिन उस विषय के दो-दो, तीन-तीन शिक्षक मौजूद हैं। इसके विपरीत कई जगह छात्रों की संख्या ज्यादा है लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। उस विषय की कक्षाएं प्रभावित हो रही है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सरप्लस शिक्षकों का समायोजन करने का निर्णय लिया है।