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Ghazipur News: काला जंग दांव में महारत हासिल सुमेरु पहलवान का निधन

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राजापुर कला गांव निवासी--पहलवान व सेना के पूर्व कैप्टन सुमेर सिंह यादव की फाइल फोटो। स्रोत- परि
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कासिमाबाद। कुश्ती में काला जंग दांव से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले मशहूर पहलवान व सेना के पूर्व कैप्टन सुमेर (सुमेरु) सिंह यादव की सोमवार की देर रात 78 साल की उम्र में निधन हो गया। बीते दो माह से वह कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के पहलवानों में शोक की लहर दौड़ गई। सुमेरु के शिष्य जय हिंद पहलवान ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले को पहचान दिलाने वाले पहलवान सुमेर सिंह यादव का जन्म 10 दिसंबर 1947 को कासिमाबाद के सबसे पिछड़े इलाके में शामिल राजापुर कला गांव में हुआ था। अपने चाचा मिश्री पहलवान के अखाड़े में बचपन से ही कुश्ती के दांवपेच सीखना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने काला जंग दांव में महारत हासिल की। इस दांव का उनके किसी प्रतिद्वंद्वी के पास काट नहीं था। वर्ष 1965 में भारतीय सेना में कुश्ती के दम पर भर्ती हुए। वहीं एक फरवरी 1996 को बतौर कैप्टन पद से सेवानिवृत होने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 10 स्वर्ण, छह रजत और और एक कांस्य मेडल हासिल किए। वर्ष 1974 में तेहरान में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप के 74 किलो भार वर्ग में किसी पहलवान के हाथ नहीं मिलाने पर उनको विजेता घोषित कर दिया गया था। इसके अलावा पूर्व डीआईजी व पंजाब के मशहूर पहलवान करतार सिंह को भी अपने काला जंग दांव से कुछ ही मिनट में चित्त कर दिया था। उनके अंतिम दर्शन के लिए में जनपद के विभिन्न इलाकों से पहुंचे पहलवान व भूतपूर्व सैनिकों का तांता लगा रहा इस दौरान लोग सुमेरु पहलवान अमर रहे के नारे लगा रहे थे। उनके इकलौते पुत्र दीपक यादव ने मंगलवार को गाजीपुर के बैकुंठ धाम श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।
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