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अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले परीक्षार्थियों की अब खैर नहीं

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सादात। माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास कोई भी लिखा हुआ कागज (चिट) मिलने पर उसे दंड का भागी बनना पड़ेगा। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसने उसका इस्तेमाल किया हो या नहीं। चिट का इस्तेमाल नहीं करने वाले को एक साल और इस्तेमाल करने वाले परीक्षार्थी दो साल के लिए परीक्षा से वंचित किया जाएगा। गा। परीक्षा में नकल करने के आरोप में पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 1998 लागू कर दिया है। इसके अनुसार नकल करते हुए पकड़े गए परीक्षार्थियों का परीक्षाफल रोक दिया जाएगा। परिषद की तरफ से गठित निस्तारण समिति का निर्णय आने के बाद ही परीक्षाफल जारी किया जाएगा। परीक्षा भवन में परीक्षार्थी को पुस्तक, मोबाइल, कैलकुलेटर, डायरी ले जाने पर रोक है। स्केल और डब्बे पर भी कुछ नहीं लिखा होना चाहिए। अगर परीक्षार्थी इन सामग्रियों के माध्यम से अनुचित साधन का प्रयोग करने का प्रयास करता है तो वह इस परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा। अगर परीक्षार्थी एक-दूसरे को किसी प्रकार का लिखा हुआ कागज देते एवं लेते पकड़े जाते हैं तब भी उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थी केवल कलम, पेंसिल, ड्राइंग,ज्यामितीय उपकरण ही रख सकता है। परीक्षा कक्ष में नकल के आरोप में पकड़े गए परीक्षार्थी के संबंध में निस्तारण समिति को निर्णय लेने में कक्ष निरीक्षक की ओर से उपलब्ध कराई गई आख्या महत्वपूर्ण होती है। रस्टीकेशन के समय कक्ष निरीक्षक की आख्या लेना आवश्यक है।
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