पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा फार्म में अतिरिक्त शुल्क लेने को वापस करने की मांग को लेकर मंगलवार को भी छात्र नेताओं का प्रदर्शन जारी रहा। पीजी कॉलेज के छात्रसंघ भवन पर छठवें दिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को एक गुमराह पत्र भेजा था जिसके जवाब में कुलपति को फिर एक पत्र भेजा गया है। जिसमें चेतावनी दी गई है कि 48 घंटे के अंदर यदि धरनारत छात्रों से लिखित या टेलिफोन से वार्ता कर अतिरिक्त शुल्क की मांग पूरी नहीं की गई तो छात्र आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे। इस दौरान धरनारत छात्रों की तबियत बिगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन, महाविद्यालय प्रशासन तथा जिला प्रशासन की होगी।
छात्र नेता दीपक उपाध्याय का कहना है कि पीजी कॉलेज के छात्र नेता अभी गांधीवादी तरीके से धरनारत है। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। जिससे छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। छात्र संघ महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जो अतिरिक्त शुल्क का बोझ छात्रों पर थोपा है इससे स्पष्ट होता है कि वे शिक्षा का बाजारीकरण कर रहे हैं। प्रवीण पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन गरीब छात्रों को आगे की पढ़ाई नहीं करने देना चाहता है इसलिए मनमानी शुल्क वसूल रहा है जो छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे और अपनी मांग को पूर्ण कराने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना में शामिल छात्र संघ अध्यक्ष अनुज कुमार, हिमांशु तिवारी, मोहम्मद परवेज, रविकांत यादव, भारती, ओम दुबे, धनंजय सिंह कुशवाहा, दीपक कुमार अभिषेक गौड़, संदीप सिंह,देवेंद्र यादव, सूर्य प्रताप सिंह सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।