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हड़ताल पर रहे सराफा व्यापारी

Wed, 09 Mar 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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प्रदर्शन करते सराफा व्यापारी। - फोटो : बबलू
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आभूषण पर उत्पाद शुल्क लगाने के विरोध में जिले के सराफा व्यापारियों ने बुधवार को जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा चीतनाथ इलाके में सभा कर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। कहा कि वे उत्पाद शुल्क के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। सराफा व्यापारियों की हड़ताल से बुधवार को करीब डेढ़ करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा।
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केंद्र सरकार की ओर से ज्वेलरी पर उत्पाद शुल्क लगाने के विरोध में सराफा व्यापारियों ने बुधवार को अपनी दूकानें बंद रखीं। इसके बाद सभी सराफा व्यापारी चीतनाथ इलाके में एकत्रित हुए और जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद चीतनाथ में सराफा व्यापार मंडल के बैनर तले सभा हुई।

इस दौरान संगठन के महामंत्री संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि सराफा व्यापारी पहले से ही वैट, इम्पोर्ट ड्यूटी, इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स के दबाव में रहे हैं और अब सरकार ने उत्पाद शुल्क लगाकर सराफा व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कहा कि जब तक केंद्र सरकार ज्वेलरी पर से उत्पाद शुल्क नहीं हटाती है तब तक सराफा कारोबारी अपनी दूकानें बंद रखेंगे। कहा कि केंद्र सरकार को यह कानून वापस लेना होगा।
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सरकार ने सराफा व्यापारियों पर कई तरह के कर लगाकर उन्हें उत्पीड़ित करने का काम किया है जिसे व्यापारी समुदाय बर्दाश्त नहीं करेगा। सभा में संतोष कुमार वर्मा विजयशंकर वर्मा, जवाहरलाल वर्मा, दिनेश कुमार वर्मा, संजय अग्रहरी, राजेंद्र प्रसाद, सुभाषचंद्र अग्रहरी, गुलाबचंद्र वर्मा, अनूप वर्मा, शशि वर्मा, दीपक अग्रहरि, कन्हैया वर्मा, बीरू, मनोज, जीतेंद्र वर्मा मौजूद रहे। सभा को समाजसेवी शम्मी सिंह ने भी संबोधितकिया। अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद और संचालन संतोष कुमार वर्मा ने किया। सराफा व्यापार मंडल के महामंत्री संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।

शादी-ब्याह के मौसम में सराफा व्यापारियों की हड़ताल से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यदि हड़ताल कई दिनों तक चली तो लोग अपनी बेटियों की शादी के लिए आभूषण नहीं ले पाएंगे।

इस समय लगन चल रहा है। लोगों ने अपनी बेटियों की शादी तय कर रखी है। जिनकी बेटियों की शादी पहले तय हो चुकी है वे आभूषणों को बनवा चुके हैं या रेडिमेड जेवर लेकर इसका इंतजाम कर चुके हैं लेकिन बहुत से लोगों ने ज्वैलरी की व्यवस्था नहीं की है। आमतौर पर बेटी की शादी की तैयारी घरों की महिलाओं कई वर्ष पहले से शुरू कर देती हैं और बचत कर कोई न कोई आभूषण खरीद कर रख लेती हैं।

वहीं दूसरी तरफ प्रत्येक परिवार की एक निर्धारित आभूषण की दूकान होती हैं जहां उनकी विश्वसनीयता बनी होती है और वे वहीं से खरीदारी करते हैं। ऐसे लोगों के सराफा व्यापारियों से पारिवारिक संबध हो जाते हैं। एक सराफा व्यापारी ने बताया कि जिनका आर्डर पहले से मिल चुका है, उनकी ज्वेलरी समय से तैयार कर उपलब्ध करा दी जाएगी लेकिन आम दिनों की तरह दूकानें नहीं खुलेंगी। बावजूद इसके ऐसे समृद्ध लोग जो मौके पर ज्वेलरी खरीदते हैं उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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