स्थानीय पुलिस चौकी में बुधवार की शाम हुई बैठक में बिहार एवं पड़ोसी जिले की पुलिस के समन्वय से अंतर्जनपदीय और अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी पर चर्चा की। इसमें शराब और पशु तस्करी पर अंकुश लगाने और कांवड़ यात्रा को लेकर रणनीति बनाई। स्थानीय थाने के साथ चंदौली जिले के कंदवा थाना एवं बिहार के दुर्गावती थाना के पुलिस अधिकारियों के बीच अपराध पर नियंत्रण के उद्देश्य से अपराधियों को चिह्नित करने का निर्णय लिया गया जो अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं और अपराध में लिप्त हैं। तय हुआ कि पशु तस्करों शराब माफियाओं सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त सक्रिय अंतर्जनपदीय अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ के साथ ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। यूपी-बिहार सीमा पर खासी चौकसी बरतने को लेकर चर्चा की गई। कोतवाल रविंद्र भूषण मौर्य ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की। संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर कांवड़ यात्रा पर रोक के बारे में बताया। चौकी प्रभारी अमित पांडेय ने कहा कि किसी भी हाल में कांवड़ यात्रा को मंजूरी नहीं दी जाएगी और अपने-अपने क्षेत्र से अगर कांवड़ यात्रियों को आप लोग रोकेंगे तभी सफलता मिलेगी। सीमावर्ती क्षेत्र दुर्गावती करारी छता अदसड़ बकौड़ी आदि गांव से लोग गंगा जल के लिए आते हैं जिनके ऊपर नजर रखते हुए उन्हें समझाने की जरूरत है। ताकि कांवड़ यात्रा को रोका जा सके। इस अवसर पर दुर्गावती के इंस्पेक्टर संजय कुमार कंदवा थाना प्रभारी हरीश चंद्र सहित स्थानीय कोतवाली पुलिस मौजूद रही।