जिला पंचायत अध्यक्ष पर पर मिली हार के बाद समाजवादी पार्टी में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। पार्टी कार्यकर्ता हार के लिए जिला नेतृत्व को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर जिला नेतृत्व को घेर रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव समाप्त हुए चार दिन बीत गए है, लेकिन सपा के कार्यकर्ता अभी भी अपनी हार पचा नहीं पा रहे हैं। दशकों से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाए हुए सपा के इस बार भी अन्य पार्टियों की अपेक्षा ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीते थे, लेकिन पंचायत अध्यक्ष पद पर हार होने से कार्यकर्ताओं के चेहरे पर मायूसी है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब जिला पंचायत सदस्यों के जीत हार का परिणाम आ गया था, तो सपा जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के पक्ष में क्यों नहीं वोट मांगा गया और बैठक कर रणनीति क्यों नहीं तैयार की गई, जिससे जीत सुनिश्चि हो सके। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान आखिरकार सैदपुर प्रथम से पूर्व सांसद की पत्नी को जिला पंचायत सदस्य के टिकट देने की घोषणा जिला स्तर की टीम ने क्यों नहीं की थी। उन्हें टिकट के लिए लखनऊ तक भागदौड़ करना पड़ा था। ऐसे में कहीं न कहीं जिला नेतृत्व ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में रूचि नहीं दिखाई और सीट गंवानी पड़ी। बरहाल लखनऊ में होने वाली बैठक और स्पष्टीकरण पर नजर है।