भांवरकोल विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत तरांव स्थित स्थानीय कार्यालय रानी दुर्गावती भवन पर अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में रविवार दोपहर को बैठक हुई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास गोंड ने कहा कि आजादी के 76 सालों के बाद भी देश की दलित, आदिवासी आर्थिक रूप से पिछड़ों, अल्पसंख्यक और मजलूम समाज के लोगों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। यह बहुत ही खेद की बात है। सच्चाई तो यह है कि आदिवासी, दलित वर्ग ही भारत के मूल निवासी हैं। जिनका देश है उन्हीं का सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक शोषण अपने को गरीबों के रहनुमा कहने वाले तथाकथित नेता हर स्तर पर शोषण करने में लगे हुए हैं।
कहा कि जब भी कोई चुनाव आता है तो हर पार्टी के नेता दलितों, आदिवासियों के मध्य आकर हमारे हक व अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बात करके हमारा वोट लेकर विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आदि बनकर ऐशो आराम की जिंदगी बिताते है। उस समय वे सभी को भूल जाते हैं।
इसलिए अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा, बहुजन सचेतन मंच, गण सुरक्षा पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और इनके समान विचारधारा वाली अन्य पार्टियां मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में आदिवासी समुदाय बाहुल्य वाले दो सौ से अधिक और प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। कहा कि उम्मीदवारों के चयन में आदिवासी, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के स्वच्छ छवि वाले नेताओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी।