नेवादा दुर्गविजय राय गांव में अराजकतत्वों ने चलाया पत्थर, ग्रामीणों के लिए बना मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शादियाबाद थाना क्षेत्र के नेवादा दुर्गविजय राय गांव में शनिवार की देर रात पारिवारिक विवाद की घटना के दौरान भीड़ में शामिल कुछ अराजकतत्वों ने पत्थर चलाकर ऐसा कर दिया कि ग्रामीणों के लिए ये बड़ी मुसीबत बन गया है। वहीं ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा कई लोगों की बर्बरता पूर्वक पिटाई करने का आरोप लगाया है। घटना के दूसरे दिन रविवार को गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल बना रहा। चारों तरफ सन्नाटा था। सिर्फ पुलिस के सायरन और बूटों की आवाज सुनाई दे रही थी।
नेवादा दुर्गविजय राय गांव में घरों के बाहर ताला लटके थे तो बाहर पुलिस का पहरा है। कुछ महिलाएं बाहर निकलीं तो खुद को निर्दोष बताते हुए फफक पड़ीं। लोगों में चर्चा थी आखिर कौन था वो शख्स जिसने पुलिस को निशाना बनाकर पत्थर फेंका। और उसके इस कृत्य का खामियाजा पूरा गांव भोग रहा है। हंगामे के बाद से आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दी गई दबिश के भय से युवा और पुरुष दूसरे जगह चुके हैं। गांव में पालतू जानवर भूखे प्यासे पड़े हुए हैं।
कई वर्षों से घर में हिस्से के लिए चक्कर काट रही थी बहू
गांव के कुछ लोगों ने बताया कि विधवा सुषमा कई वर्षों से घर में हिस्से के लिए थाना और तहसील का चक्कर लगा रही थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा था। वहीं उसके ससुर जामुन विश्वकर्मा ने बताया कि बहु सुषमा को तीन बिस्वा जमीन गांव में दिया गया था। उसको घर बनाने के लिए भी कहा गया था। जबकि गांव के कुछ दबंग लोगों के साथ मिलकर मकान में ही जबरदस्ती हिस्सा मांग रही थी और गांव के कुछ लोगों के चढ़ाने पर ही यह घटना हुई। एक सप्ताह का समय दिया गया था कि पंचायत में मामला हल किया जाएगा। लेकिन कुछ मनबढ़ों के चलाते इतनी बड़ा घटना हुई।
भूखे बच्चों को सीओ ने उपलब्ध कराया पूड़ी सब्जी
दुल्लहपुर। नेवाद दुर्गविजय राय गांव में दो बच्चे ऐसे थे जिनके मां-बाप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि हम लोग सुबह से भूखे हैं। इसपर तत्काल भुड़कुड़ा सीओ रविंद्र वर्मा ने तत्काल पूड़ी सब्जी दो बच्चों को उपलब्ध कराई गई। वहीं पुलिस उपाधीक्षक रविंद्र वर्मा ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है। लोगों को समय-समय पर जिसको जो आवश्यकता है, भोजन दिया जा रहा है।