सत्यदेव डिग्री कॉलेज में सोमवार को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में कारगिल युद्ध के शहीदों के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा हुई। इसमें शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया गया। इस दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में देश के वीर-जवानों ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रत्येक भारतीय का यह पुनीत कर्तव्य है कि देश के लिए शहीद होने वाले वीर सपूतों को नमन करें। उनकी कुर्बानियों के लिए उन्हें श्रद्धांजलि दें। हम सब लोग तब तक ही महफूज हैं जब तक भारत माता के वीर सपूत सरहदों पर खड़े हैं। कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य शौर्य और वीरता का जो परिचय दिया उसी का परिणाम था कि पाकिस्तान के हजारों सैनिक हताहत हुए थे। यह युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया था। इस युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों को कई बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तानी सैनिक ऊंची पहाड़ियों पर थे और हमारे वीर-जवानों को रात भर में चढ़ाई कर पहुंचना था। इसके बाद भी भारतीय वीरों ने विजय हासिल की। यह युद्ध 60 दिनों तक चला था और आखिर में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। इस अवसर पर डॉ. दिग्विजय उपाध्याय, दिनेश, संदीप कुशवाहा, अमित वर्मा, शाहेला परवीन, रश्मि सिंह, उरूज फात्मा, मोती वर्मा, अनुज नारायण, आशीष श्रीवास्तव, गुलशन अब्बास समेत छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।