अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ दुर्गेश की अदालत ने बृहस्पतिवार को जमीन विवाद को लेकर हत्या के मामले में पिता पुत्र को सात- सात साल की कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की धनराशि से 80 फीसदी मृतक के उत्तराधिकारी को देने का आदेश अदालत ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार मरदह थाना क्षेत्र के पड़िता गांव निवासी विजय यादव ने 13 अगस्त 2014 को तहरीर दिया कि सुबह 8.30 बजे उसके पिता रामकृत यादव और भाई उदय के खेत पर काम कर रहे थे। उसी समय उसके गांव के ही सुरेश यादव और उसका पुत्र रामध्यान यादव गाली देते हुए फावड़ा से पिता रामकृत को मार दिया और इसके बाद सुरेश के ही पक्ष मिंटू उर्फ उपेंद्र यादव और सुभाष यादव ने लाठी डंडे से मारा-पीटा, जिससे रामकृत घायल हो गए। गांव वालों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। सूचना के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और दौरान विवेचना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय पेश की। विचारण के समय अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिकांत सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मिंटू उर्फ उपेंद्र यादव और सुभाष यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं, सुरेश यादव और रामध्यान यादव को इस मामले में दोषी करार देते हुए सात- सात साल की कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।