गाजीपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट गुलाब सिंह की अदालत ने बृहस्पतिवार को हत्या के मामले में सपा कार्यकर्ता सच्चेलाल यादव सहित सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक अभियुक्त को एक लाख सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार, थाना नंदगंज गांव नैसारा निवासी हीरालाल राम ने बीते 30 जून 1997 को तहरीर दिया था कि गांव के ही सच्चेलाल यादव से गांव समाज की जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा था। जमीन के कुछ हिस्से में सच्चेलाल द्वारा विद्यालय चलाया जा रहा था और कुछ हिस्सों का हम लोग उपयोग करते थे। उस भूमि पर मेरी पत्नी प्यारी देवी, हवलदार, राजेश, राजेंद्र, मुनेसवर, मोती, श्यामा राम, खुरमुल्ली, दुलेश्वरी देवी खेती का कार्य कर रही थी। उसी दौरान सच्चेलाल यादव, अच्छेलाल यादव, इंद्रजीत यादव, शिवाजी यादव, बच्चेलाल यादव, हारुल यादव, संजय यादव, शिवशंकर यादव, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव और रामधारी ने लाठी-डंडे से हमला किया और फायरिंग की। इसमें हवलदार और राजेश गंभीर घायल हो गए। अन्य लोग घायल हुए। तहरीर पर थाना नंदगंज में आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। इलाज 24 अगस्त 1997 को हवलदार की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। जितेंद्र यादव एवं सुरेंद्र यादव को किशोर अपचारी मानते हुए पत्रावली अलग की गई। शेष के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप चतुर्वेदी ने 12 गवाह पेश किए। दौरान विचारण रामधारी, संजय और अच्छेलाल की मौत हो गई। न्यायालय ने बहस सुनने के बाद सपा कार्यकर्ता सच्चेलाल यादव, इंद्रजीत यादव, शिवाजी यादव, बच्चेलाल यादव, हारुल यादव, शिवशंकर यादव, धर्मेंद्र यादव को हत्या का दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाई है।