गाजीपुर। जिले में सड़क हादसा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते छह दिन में करीब सात सड़क हादसे हुए। इसमें 11 लोगों की जान चली गई। वहीं, 10 से अधिक घायल हो गए हैं। इनमें सड़क किनारे खड़े वाहन और तेज रफ्तार दुर्घटना के प्रमुख कारण बन रहे है। ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से वाहनों की रफ्तार निर्धारित करने और कार्रवाई के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। ऐसे में आए दिन सड़क हादसों से कई घर उजड़ जा रहे हैं।जिले में सड़कों का जाल तो बिछाया गया, लेकिन रफ्तार पर रोक लगाने को लेकर कोई मापक यंत्र ही नहीं लगाया है। ऐसे में आए दिन हादसा हो रहा है। खासकर हाईवे पर किनारे खड़े वाहन दुर्घटना के प्रमुख कारण बने रहे हैं। खासकर महराजगंज से मटेहूं, बारा-ताड़ीघाट मार्ग, सुहवल- ढढनी-सरहुला- दिलदारनगर मार्ग, जमानिया मार्ग, मुहम्मदाबाद से भरौली मार्गों पर भारी वाहन ऐसे खड़े कर दिए जा रहे हैं कि लोग हादसे के शिकार हो रहे हैं। यहीं नहीं इन मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह की अधिकांश दुर्घटनाएं रात के समय में हो रही हैं, जिससे बाइक सवार और अन्य वाहनों पर सवार लोगों की मौत हो जा रही है। यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि वाहनों को खड़ा करने वालों के खिलाफ अभियान बनाकर कार्रवाई हो रही है। अभी तक 1300 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है। ऐसे हादसों को रोकने को लेकर ठोस कदम उठाया जा रहा है।