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सीरो सर्वे: 80 प्रतिशत लोगों में मिला एंटीबॉडीज

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गाजीपुर। जिले में अब तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आशंका है कि यह बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेगी। इसी बात का पता लगाने के लिए 124 बच्चों पर सीरो सर्वे किया गया। जबकि 659 व्यस्कों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। रिपोर्ट में 80 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज मिली। ऐसे में एहतियात एवं सुरक्षा के साथ-साथ टीकाकरण जरूरी बताया जा रहा है। संक्रमण की दूसरी लहर ने दो माह तक जनपद को ऐसा अपने चपेट में लिया था कि संक्रमितों के आंकड़ों में जबरदस्त वृद्धि होनी शुरू हो गई थी। वहीं मौत के आंकड़ों में हो रही बढ़ोत्तरी को लेकर आमजनों काफी सहमे हुए थे। ऐसे में जिलाधिकारी ने जांच, दवा वितरण एवं वैक्सीनेशन को महा अभियान बनाकर ऐसा चलाया कि स्थितियां धीरे-धीरे सामान्य होनी शुरू हो गई। इसके बाद तीसरी लहर की आशंका को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई। इधर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में सीरो सर्वे प्रारंभ किया गया। इसके तहत 783 लोगों का ब्लड सैंपल लिया गया, जिसमें 124 बच्चे और 40 संक्रमितों को शामिल किया गया था। एक माह बाद लखनऊ से मिली रिपोर्ट के मुताबिक 80 प्रतिशत लोग ऐसे पाए गए जो बीमार पड़े और अपने आप एंडीबॉडीज भी संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर में तैयार हो गई। जबकि 20 प्रतिशत में एंटीबॉडीज नहीं मिला। सीरो सर्वे सेरोलॉजी टेस्ट से होता है। इसमें ब्लड सैम्पल लेकर टेस्ट होता है। किसी खास इंफेक्शन के खिलाफ बनी एंटीबॉडी की जांच होती है। जब भी कोई वायरस आपके शरीर में आता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम उस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। ये एंटीबॉडी करीब एक महीने तक ब्लड में रहती है। अगर आपके शरीर में एंटीबॉडी बनी है तो इसका मतलब है कि हाल ही में आप वायरस से इन्फेक्ट हुए थे। एसीएमओ डा. पीके कुशवाहा ने बताया कि सीरो सर्वे रिपोर्ट 80 प्रतिशत में एंटीबॉडीज मिले हैं। ऐसे में टीकाकरण एवं एहतियात के साथ बचाव काफी जरूरी है।
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