अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से शहर के नियाजी मुहल्ले में खुदीराम बोस एवं सेनानी डा. राजेंद्र बाबू की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम में महासभा के पदाधिकारियों एवं उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। डा. राजेंद्र बाबू की जयंती अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया गया। गोष्ठी में अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे ने अमर शहीद खुदीराम बोस और सेनानी डा. राजेंद्र बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणा दी गई है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए मात्र चौदह वर्ष की अवस्था में फांसी के तख्ते पर झूलने वाले बलिदानी खुदीराम बोस और डा. राजेंद्र बाबू को देश कभी भूल नहीं सकता। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश हित में काम करने की जरूरत है। पूरा देश इन महापुरुषों का ऋणी है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए तमाम लोगों ने त्याग और बलिदान किया लेकिन देश उनको भूलता जा रहा है। हमें उन्हें याद रखने की जरूरत है। उनके द्वारा किया गया संघर्ष और दिखाया गया रास्ता देश को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगा। इस अवसर पर चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, अरुण सहाय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।