आगामी धान खरीद के लिए विभिन्न संस्थाओं के 102 क्रय केंद्रों का चयन किया गया है। मिलों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। वहीं 30 मिलों ने अब तक ब्लेंडर लगवा लिया है। धान बेचने के लिए सभी सात तहसील के 21 सौ से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है।
पहली नवंबर से शुरू होने वाली धान की खरीद के लिए जिले को अभी लक्ष्य निर्धारित नहीं हुआ है। हालांकि इसकी तैयारी तेज हो गई है। विभिन्न संस्थाओं के 102 क्रय केंद्रों का खरीद के लिए अनुमोदन किया गया है। इसमें खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 12, पीसीयू 41, यूपीएसएस 31 तथा भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल हैं। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी एवं विपणन निरीक्षक की टीम धान की कुटाई करने वाली मिलों का सत्यापन कर रही है। अब तक 41 मिलों का सत्यापन कर लिया गया है।
कुल 58 में से 30 मिलों ने ब्लेंडर लगवा लिया है जबकि शेष में प्रक्रिया चल रही है। बताया गया है कि इस बार एनालिसिस किट एवं पावर डस्टर भी केंद्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। धान की बिक्री के लिए पंजीकरण के काम में कुछ तेजी आई है। शुक्रवार की सुबह तक सभी सात तहसीलों के 2129 किसानों ने पंजीकरण करा लिया था। पंजीकरण कराने वालों में जखनिया के 226, सैदपुर 124, सदर 196, मुहम्मदाबाद 461, जमानिया 322, कासिमाबाद 347 तथा सेवराई के 453 किसान शामिल हैं। इस बार जिले में बाजरे की भी खरीद की जाएगी। इसके लिए करंडा क्षेत्र में मार्केटिंग का क्रय केंद्र बनाया गया है।
धान की खरीद के लिए 102 क्रय केंद्रों को अनुमोदित किया गया है। राइस मिलों के सत्यापन का कार्य किया जा रहा है।- रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
बीते वर्ष हुई थी 212635.956 एमटी खरीद
गाजीपुर में बीते वर्ष शासन की ओर से दो लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 131 क्रय केंद्र खोले गए थे। लक्ष्य के सापेक्ष शानदार खरीद हुई थी। निर्धारित अवधि में 212635.956 एमटी खरीद 33995 किसानों से की गई थी।