जिले में चयनित 100 परिषदीय विद्यालयों को जिलास्तरीय अधिकारियों ने आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए गोद लिया है। इसे लेकर सोमवार को जिलाधिकारी ने कैंप कार्यालय में समीक्षा की। चार अधिकारियों द्वारा आवंटित विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने को कहा।
जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिलास्तरीय अधिकारियों को आवंटित विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यालय के कुल 25 बिंदु निर्धारित हैं। उन्होंने दो माह के अंदर निर्धारित बिंदुओं पर उन्हें संतृप्त किया जाना है। उन्होंने पूर्व से निर्धारित 19 बिंदुओं के अलग एजुकेशनल वाल पेंटिंग, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल कूद सामग्री की उपलब्धता, खेल के मैदान के साथ-साथ पुस्तकालय की स्थापना पर विशेष ध्यान देने एवं उक्त कार्य को जन सहयोग से किए जाने को कहा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि अपने गोद लिए विद्यालयों में निर्धारित बिंदुओं पर कार्य तय समय सीमा के अंदर पूर्ण करा लिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अरुण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव, जिला विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने भी ऑनलाइन गूगल मीट में शामिल रहे।