गाजीपुर। विधानसभा निर्वाचन नामावली के विशेष पुनरीक्षण कार्य में लगातार लापरवाही बरतने वाले तीन तहसीलों में बीएलओ का कार्य करने वाले 78 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बीएसए ने वेतन रोका है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। चुनाव कार्य में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सैदपुर, गाजीपुर सदर और जखनियां तहसील के उपजिलाधिकारी के पत्र पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बीएलओ के कार्य में लगे 78 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकते हुए उनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। उपजिलाधिकारी सैदपुर, गाजीपुर सदर तथा जखनियां की ओर से भेजे गए ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर बताया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य के लिए शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सुपरवाइजर/ बीएलओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बावजूद 23 नवंबर को आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में कई शिक्षक उपस्थित नहीं हुए। इससे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का कार्य प्रभावित हो रहा है। पत्र के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है। उन्होंने बताया कि इस लापरवाही पर उन्होंने बीएलओ के कार्य में लगे 78 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकते हुए उनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि एसआईआर कार्य पूर्णतः समयबद्ध है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है। अनुपस्थित कार्मिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत करें। बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न करने की स्थिति में अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करते हुए निलंबन तक की कार्रवाई की जा सकती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबद्ध कार्मिकों की होगी।
साथ ही सभी को निर्देश दिया कि वे तत्काल उपजिलाधिकारी गाजीपुर अथवा जखनियां के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।