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ताक पर नियम : 3 सहायिकाओं का दूसरे गांव में कर दिया चयन

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गाजीपुर। आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती में एक के बाद एक फर्जीवाड़े का खुलासा हो रहा है। इसी क्रम में सैदपुर तहसील क्षेत्र में तीन आंगनबाड़ी सहायिकाओं का चयन दूसरे गांव में कर दिया गया। नियमानुसार आवेदक जिस गांव का होता है, उसका चयन उसी गांव के लिए किया जाता है। लेकिन इनके चयन में नियम को ताक पर रख दिया गया। मामला प्रकाश में आने के बाद बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से संबंधित पत्रावलियों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में शिकायत सही मिली है। विभाग की ओर से जल्द ही जांच प्रक्रिया पूरी करके कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। इसके पहले फर्जी आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के जरिये आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया था। इस प्रकरण में 12 आंगनबाड़ी सहायिका विभागीय जांच के दायरे में हैं। अब तक इनमें से एक आंगनबाड़ी सहायिका का चयन निरस्त किया जा चुका है। शेष प्रकरणों में विभागीय कार्रवाई जारी है। सीडीपीओ व कर्मियों ने किया खेल आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में कई सीडीपीओ व कर्मियों की भूमिका संदेह के दायरे में है। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना भदौरा में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जितेंद्र पाठक का एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में एक आंगनबाड़ी सहायिका यह कहती हुई नजर आ रही थी कि उससे 50 हजार रुपये ले लिए गए। जबकि उसको बाद में पता चला कि नियुक्ति प्रक्रिया में मेरिट को आधार बनाया गया है। विभागीय जांच के बाद आरोपी कर्मी को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। सैदपुर क्षेत्र में दूसरे गांव में चयन करने के एक मामले में जांच के लिए पत्रावली मंगा ली गई है। दो और मामलों की शिकायतों की भी जांच कराई जाएगी।-संजय सोनी, प्रभारी डीपीओ
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