गाजीपुर। जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैबबनकर तैयार तो हो गया है, लेकिन जांच की सुविधा के लिए एक सप्ताह इंतजार करना पड़ेगा। वजह अभी न आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) की ओर से अभीहरी झंडी नहीं मिली और न ही जांच कीट ही उपलब्ध है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने चार हजार कीट उपलब्ध कराने की मांग भेज दी है, जो चार दिन में बीएचयू से मिलने की उम्मीद है। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य महकमा अर्लट है। विभाग की ओर से उससे निबटने केलिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कोविड के मरीजों के इलाज के लिएजिला अस्पताल में वार्ड भी बनाए गए है। कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए अलगसे पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड बनाए गए हैं। ऐसे में लैब के संचालन से रिपोर्ट को लेकर दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि चार दिन के अंदर बीएचयू से 4000 कीट की मांग की गई है। साथ ही अन्य उपकरण के समान भी आने शेष है। इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डा. राजेश सिंह ने बताया कि फिलहाल लैब के संचालन में एक सप्ताह लग जाएगा। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को 1470 संदिग्धों का कोरोना जांच किया। इसमें 651 का स्वैब आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएचयू भेजा गया। वहीं 809 लोगों की एंटीजन और 10 की ट्रूनैट से जांच की गई। इसी क्रम में जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 32 लोगों की आरटीपीसीआर और 32 का एंटीजन टेस्ट किया गया। हालांकि इसमें एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला।