-आत्महत्या मान रहे परिवहन निगम के अधिकारी, जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर कोतवाली के रोडवेज बस डिपो में खड़ी बस में सामान रखने वाले कैरियर में बृहस्पतिवार को गमछा से एक संविदा चालक का शव लटकता मिला। गाजीपुर डिपो के उच्चाधिकारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक संविदा चालक ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी।
नगर के कचहरी निवासी अजय कुमार सिंह (50) रोडवेज में संविदा चालक के पद पर तैनात था। उसे कानपुर बस लेकर जाना था, लेकिन बस अभी नहीं थी। इधर दोपहर करीब 12 से एक बजे के बीच लंच होने के बाद जब डिपो में खड़ी एक बस की स्टेयरिंग ठीक करने के लिए कर्मचारी पहुंचे तो देखा कि परिचालक का शव सीट के पास सामान रखने वाले कैरियर पर गमछा के फंदे के सहारे लटका था। ये देख कर्मचारी शोर मचाते हुए बस से बाहर निकले।
आवाज सुनकर आस-पास के लोगों, यात्रियों और रोडवेज कर्मियों की भीड़ लग गई। जानकारी होते ही उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और घटना की सूचना परिजनों एवं पुलिस को दी। इधर मौके पर पहुंचे चालक के परिजन और अन्य कर्मियों उन्हें जिला अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घाेषित कर दिया।पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर घटना के बाद से परिजनों के रोने-बिलखने से चीख-पुकार मच गई।
इस संबंध में एआरएम बीके पांडेय ने बताया कि काफी दिनों से मृतक बस चालक के पद पर तैनात थे। उन्होंने बस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी। कर्मचारियों के मुताबिक उसके मुंह से शराब की गंध आ रही थी। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
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मान लेता बेटे की बात तो शायद जिंदा रहता अजय
-सात दिन पहले नशे की हालत में गिरकर हो गया था चुटहिल
-परिजनों के रोने-बिलखने से मची चीख-पुकार, साथी भी हैरान
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर कोतवाली के रोडवेज बस डिपो में खड़ी बस में सामान रखने वाले कैरियर में बृहस्पतिवार को गमछे से संविदा चालक अजय का शव लटकता मिला। परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक उसने आत्महत्या कर ली है। निगम के लोगों में आत्महत्या का कारण नशे में होने की चर्चा रही। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
वहीं, निगम के अधिकारियों के मुताबिक उसे समझा बुझाकर वापस घर ले जाने के लिए उसका छोटा बेटा भी आया था। लेकिन, वह नहीं गया। अगर वह अपने बेटे की बात मान लेता तो शायद आज यह घटना डिपो में न होती।
गाजीपुर डिपो पर नगर के कचहरी निवासी अजय कुमार सिंह (50) रोडवेज में संविदा चालक के पद पर तैनात था। एआरएम बीके पांडेय के मुताबिक ने मुताबिक परिवार और अन्य कर्मचारियों बताते है कि पहले भी उसकी शिकायत मिल रही थी कि वह नशे में डूबा रहता था। एक सप्ताह पहले भी वह गिरकर चुटहिल हो गया था। बृहस्पतिवार को बस न आने पर डिपो से बाहर गया था।
वापस आने पर उसके मुंह से शराब जैसी गंध आ रही थी और वो दूसरी बस आवंटित करने की मांग कर रहा था। लेकिन,उसकी हालत देखने के बाद ड्यूटी नहीं लगाई गई। वहीं, उसका छोटा बेटा भी आया था। वह उसे घर ले जाना चाहता था। इसके लिए काफी समझाया-बुझाया भी था। लेकिन, अजय अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसी बीच वह एक बस में जाकर बैठ गया।
दोपहर करीब 12 से एक बजे के बीच लंच होने के बाद जब डिपो में खड़ी उस बस की स्टेयरिंग ठीक करने के लिए कर्मचारी पहुंचे तो देखा कि परिचालक की सीट के पास सामान रखने वाले कैरियर में गमछा के सहारे उसका शव लटकता मिला।