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राइस मिलर्स एसोसिएशन ने की धान कुटाई मूल्य बढ़ाने की मांग

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राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक का आयोजन मंगलवार को बंशीबाजार में किया गया। जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि 250 रु पये क्विंटल धान की कुटाई तय नहीं की तो वह कुटाई नहीं करेंगे। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि सरकार के मनमाने रवैये से मिलर घाटे में चल रहे हैं और उनकी मिलें बंद होने के कगार पर आ गई हैं। सरकार ने अगर धान की कुटाई 250 रुपये प्रति क्विटल व सीएमआर 58-60 प्रतिशत नहीं करवाया तो हम लोग इस वर्ष सरकारी धान की कुटाई नहीं करेंगे। बैठक में एक मांग पत्र भी सक्षम अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। जिलाध्यक्ष अजीत राय ने कहा कि 10 साल पहले सरकार धान की कुटाई 13 रुपये प्रति क्विटल देती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाने की जगह और घटा दिया है, जबकि खर्च व महंगाई कई गुना गई है। मध्य प्रदेश में 200 रुपये प्रति क्विटल कुटाई मिलती है। बैठक में कस्टम धान से चावल की रिकवरी को प्रति क्विटल 58-60 किलोग्राम करने, कुटाई के रेट को बढ़ाकर 250 रुपये प्रति क्विटल करने, धान परिवहन और सीएमआर परिवहन टेंडर द्वारा निर्धारित दर पर करने समेत कई अहम मांगों को मिलरों ने सरकार के सामने रखा। प्रदेश भर से जुटे मिलरों ने धान की कुटाई से होने वाली सभी भुगतानों को तय समय सीमा में भी करने की मांग की। मिलरों ने सरकार को आगाह किया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मिलर्स ना तो अपनी मिलों का सत्यापन कराएंगे और ना ही इस साल धान की कुटाई करेंगे। बैठक में उपाध्यक्ष श्रवण सिंह, महामंत्री रामजन्म, कोषाध्यक्ष अकबर अली व संरक्षक अभय यादव आदि सहित काफी संख्या में मिलर रहे।
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