गाजीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी और आईएस-191 का सक्रिय सदस्य बहादुरगंज नगर पंचायत के चेयरमैन रेयाज अंसारी और उसके तीन सहयोगी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इन्हें दबोचना तो दूर, पुलिस उनकी लोकेशन का भी पता लगाने में विफल रही है। बीते दो दिसंबर को न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने इन सभी के मकानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर धारा 82 का नोटिस चस्पा कर चुकी है। अब इन्हें भगोड़ा घोषित कर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। साथ ही इनकी संपत्तियों का ब्योरा खंगालने में जुट गई है, जिससे निर्धारित समय के अंदर पेश न होने पर कुर्की की कार्रवाई की जा सके।
बहादुरगंज नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन और वर्तमान चेयरमैन रेयाज अंसारी की पत्नी निकहत परवीन की फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी लेने के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी। इस मामले वह वर्तमान समय में जमानत पर हैं। जबकि इस मामले में बहादुरगंज के नगर पंचायत चेयरमैन रेयाज अंसारी, तत्कालीन चयन समिति के अध्यक्ष परवेज जमाल, तत्कालीन प्रबंधक नजीर अहमद एवं तत्कालीन प्रधानाचार्य जियाउल इस्लाम आरोपी हैं, जिन्हें दबोचने के लिए स्थानीय पुलिस की टीम के साथ एसओजी भी जुटी हुई है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी है। ऐसे में पुलिस ने बहादुरगंज चेयरमैन रेयाज अंसारी सहित चारों पर 25- 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। इस संबंध में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि मुख्तार के करीबी और आईएस-191 के सक्रिय सदस्य बहादुरगंज के चेयरमैन और उसके सहयोगियों पर इनाम घोषित किया गया है। गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है, इन्हें जल्द दबोच लिया जाएगा।