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Ghazipur News: डा. संपूर्णानंद और डा. भटनागर का किया स्मरण

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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री डा. संपूर्णानंद की जयंती एवं महान वैज्ञानिक डा. शांति स्वरूप भटनागर की पुण्यतिथि पर महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव के चंदन नगर स्थित आवास पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
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गोष्ठी का शुभारंभ कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी का पालन करने का संकल्प लेकर किया। इस अवसर पर महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए उन्हें कुशल राजीतिज्ञ, बहुमखी प्रतिभा के धनी, भारतीय संस्कृति और दर्शन के प्रकांड विद्वान होने के साथ-साथ एक जागरूक शिक्षाविद्, गंभीर, मर्मंज्ञ और उदात्त साहित्यकार बताया। उन्होंने बताया कि वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अंतर्गत प्रथम पंक्ति के सेनानी के रूप में कार्य किया। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् वे उत्तर प्रदेश के गृहमंत्री, शिक्षामंत्री और सन् 1955 में मुख्यमंत्री बने।
बाद में सन् 1962 में राजस्थान के राजयपाल नियुक्त हुए। दर्शन, जयोतिष, भारतीय संस्कृति, राजनीति, गणित, विज्ञान, शिक्षा और साहित्य आपके चिंतन और लेखन के विषय है। उन्होंने शोध प्रयोगशालाओं के जनक के रूप में विख्यात डा. शांति स्वरूप भटनागर को देश का महान वैज्ञानिक बताया और कहा कि उन्होंने देश में कई प्रयोगशालाओं की स्थापना किया तथा उन्हें विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह युजीसी के प्रथम अध्यक्ष थे।
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विज्ञान के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए वैज्ञानिकों को उनके नाम शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से आज भी सम्मानित किया जाता है। गोष्ठी में जिलाध्यक्ष मोहनलाल श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव और संचालन जिला महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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