जिले को सोमवार को 2628 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई। इससे अब किसानों को डीएपी मिल सकेगी और उन्हें राहत मिलेगी।
जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि एक रैक डीएपी से दो हफ्ते तक किसानों की मांग पूरी हो जाएगी। साथ ही जिले से एक रैक डीएपी की और मांग की गई है जो एक हफ्ते के भीतर आएगी। डीएपी की लगातार आवक बनी रहेगी। इससे गेहूं, सरसों, चना आदि की बुवाई में दिक्कत नहीं होगी। जिले में प्राइवेट और सहकारी समितियों के पास पहले से ही डीएपी उपलब्ध है। सिर्फ प्राइवेट दुकानों पर ही दो हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है जिससे किसानों का काम चल रहा है। जहां डीएपी की आपूर्ति घटी थी। वहां भी एक-दो दिन के भीतर डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता हो जाएगी।